🤯 NTA का SC हलफ़नामा — 29 मई 2026 — NEET-UG 2027 से CBT

NEET 2027 Online होगा। क्या वही सिस्टम यह कर भी पाएगा?

पेपर WhatsApp पर लीक हुआ। उनका जवाब था: 21 जून की दोबारा परीक्षा के लिए Air Force के विमान — फिर भी पेन-पेपर से। और 2027 के लिए? उसी NTA ने Supreme Court में Online का वादा दाख़िल किया। यहाँ जानिए — हलफ़नामे में क्या है, CBT का असली मतलब क्या है, और क्या अभी भी नहीं बदला।

29 मई NTA का SC हलफ़नामा: 2027 से CBT
22 लाख 2026 में प्रभावित छात्र
20 पाली प्रस्तावित CBT फ़ॉर्मेट
21 जून दोबारा परीक्षा फिर भी पेपर पर
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हलफ़नामा

NTA ने Supreme Court को क्या बताया

29 मई 2026 को — उसी दिन जब Parliament ने NTA के Director General और CBI Director से पूछताछ की — NTA ने Supreme Court of India में हलफ़नामा दाख़िल किया और पुष्टि की कि NEET-UG 2027 से Computer-Based Test (CBT) mode में होगा

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मई 2026 में CBT में बदलाव की घोषणा की थी, 2026 के पेपर लीक scandal के बाद। SC हलफ़नामे ने इसे record पर औपचारिक प्रतिबद्धता बना दिया।

पुष्ट तथ्य — NTA SC हलफ़नामा, 29 मई 2026
  • NTA ने पुष्टि की कि NEET-UG 2027 से Computer-Based Test (CBT) format में होगा।
    Source: Business Standard ↗
  • शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मई 2026 में CBT shift की घोषणा की, 2026 NEET-UG पेपर लीक के बाद।
    Source: Business Today ↗
  • HLCE (High Level Committee on Examinations) ने NEET के लिए multi-session, multi-stage testing की सिफ़ारिश की — एकल पेपर लीक के ख़तरे को ख़त्म करने के लिए।
    Source: Tribune India ↗
  • प्रस्तावित CBT format में 22 लाख छात्रों के लिए लगभग 20 परीक्षा पालियाँ होंगी, और scores को पालियों में normalise किया जाएगा।
    Source: FindMyCollege ↗
  • संदर्भ: 2026 के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद 4 छात्रों की आत्महत्या की ख़बर आई।
    Source: Al Jazeera ↗

पृष्ठभूमि: NEET-UG 2026 की परीक्षा 3 मई को 22 लाख छात्रों के लिए हुई। एक whistleblower ने बताया कि 135 सवालों से मेल खाने वाला "guess paper" online circulate हो रहा था। NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी। CBI जाँच कर रही है। दोबारा परीक्षा 21 जून को है — फिर भी पेन-पेपर से, और सरकार Indian Air Force के विमानों से दूरदराज के केंद्रों तक पेपर भेज रही है।

समझाइए

22 लाख छात्रों के लिए CBT का असली मतलब क्या है

CBT — Computer-Based Test — यानी छात्र किसी निर्धारित परीक्षा केंद्र पर computer terminal पर जवाब देते हैं। सोचिए: वही हॉल, वही invigilator — लेकिन OMR sheet की जगह screen और mouse। पेपर printing press से physically "leak" नहीं हो सकता, क्योंकि कोई paper होता ही नहीं।

लेकिन HLCE की सिफ़ारिश इससे आगे जाती है: वह multi-session, multi-stage format का प्रस्ताव करती है — जैसे JEE Main अभी होता है। यानी अलग-अलग batches के छात्र अलग-अलग दिनों पर अलग-अलग सवाल हल करेंगे, और अंतिम scores score normalisation के ज़रिए तय होंगे।

क्या बदलेगा — और क्या नहीं
  • क्या बदलेगा: चुराने के लिए कोई एकल physical question paper नहीं। 20+ पालियाँ कई दिनों में फैली होंगी — एकल catastrophic failure का point नहीं।
  • Score normalisation: जब अलग-अलग छात्रों को अलग-अलग सवाल मिलते हैं, तो raw scores को statistically adjust करना होता है। यह process JEE Main में सालों से विवादित है — छात्र और coaching institutes का तर्क है कि normalisation कुछ पालियों के छात्रों के लिए नुकसानदेह होती है।
  • ग्रामीण digital divide: Computer-based testing के लिए reliable power, functional hardware और technical infrastructure चाहिए। अस्थिर बिजली या internet वाले गाँवों के छात्रों को ऐसी बाधाएँ मिलेंगी जो pen-and-paper परीक्षा में नहीं थीं। CBT सबके लिए समान नहीं है — बस यह बदल देता है कि कौन से छात्रों को नुकसान होता है।
  • क्या नहीं बदलेगा: NTA की संस्थागत integrity। CBT एक format बदलाव है। अगर वही अधिकारी, वही प्रक्रियाएँ और impunity की वही संस्कृति बनी रहे, तो format अकेले काफ़ी नहीं है।

"2026 में पेपर WhatsApp पर लीक हुआ। 21 जून के लिए Air Force के विमान भेज रहे हैं पेपर लेकर। 2027 के लिए स्क्रीन का वादा है। Technology बदल रही है। ज़िम्मेदारी नहीं।"

— CJP Newsroom, 30 मई 2026
राय और व्यंग्य CJP राय / व्यंग्य

तिलचट्टे का फ़ैसला

[राय] वही NTA। वही वादे। 2024 का लीक 2026 का solution बना। 2026 का लीक अब 2027 की घोषणा है। जो संस्था एक WhatsApp group से पेपर नहीं बचा सकी, वह अब एक CBT server बचाने का दावा कर रही है।

[व्यंग्य] "पेपर लीक hua WhatsApp pe, solution hai Air Force." पेपर WhatsApp पर लीक हुआ। तुरंत solution: Air Force के विमान। अगला solution: computer screen। तिलचट्टे को उसी सिस्टम ने कूड़ा कहा था जो हर बार नया वादा लेकर आता है।

[राय] हम CBT के ख़िलाफ़ नहीं हैं। एक अच्छी CBT एक compromised OMR exam से बेहतर है। हम उस भ्रम के ख़िलाफ़ हैं कि format बदलना = system ठीक होना। तिलचट्टे को parasite कहा गया। तिलचट्टा अभी भी यहाँ है। देख रहा है। इंतज़ार कर रहा है उस जवाबदेही का जो कभी नहीं आती।

वही झुंड। अभी भी देख रहा है। Badge लो — official बनो।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

NEET 2027 Online Mode — आपके सवालों के जवाब

CJP

सिस्टम ने आपको Disposable कहा। हम असहमत हैं।

NEET 2026 ने 22 लाख छात्रों को एक scandal की भेंट चढ़ा दिया। NEET 2027 को format बदला मिल रहा है — जवाबदेही नहीं। तिलचट्टे को parasite कहा गया। तिलचट्टा अभी भी यहाँ है।

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